कांग्रेस नेताओं को ‘पांच सितारा संस्कृति’ को छोड़ देना चाहिए : गुलाम नबी आजाद

0
138


संगठनात्मक बदलाव के लिए पत्र लिखने वाले 23 नेताओं में शामिल आजाद ने कहा कि वे ‘‘सुधारवादी के रूप मुद्दे उठा रहे हैं, न कि विद्रोही के रूप में.” उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘जिला, ब्लॉक और राज्य स्तर पर लोगों और कांग्रेस नेताओं के बीच बहुत बड़ा फासला है. जनता से पार्टी का जुड़ाव एक सतत प्रक्रिया होनी चाहिए, न कि केवल चुनाव के दौरान.” राज्यसभा में विपक्ष के नेता ने कहा कि पार्टी के नेताओं को पांच सितारा संस्कृति को छोड़ देना चाहिए.

यह भी पढ़ें- जब तक हम कांग्रेस की कार्यशैली में बदलाव नहीं लाते, चीजें नहीं बदलेंगी : गुलाम नबी आजाद

उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस नेताओं को पांच सितारा संस्कृति को छोड़ देना चाहिए. कम से कम चुनावों के दौरान उन्हें इस संस्कृति से बचना चाहिए और क्षेत्र में लोगों के बीच रहना चाहिए.” बिहार चुनावों में पार्टी के खराब प्रदर्शन के बाद पहली बार बात करते हुए आजाद ने कहा कि नेताओं को राज्य के नेताओं के साथ राज्य का दौरा करना चाहिए और न कि केवल पांच सितारा होटलों में रहना चाहिए और वापस लौटना चाहिए.

उन्होंने कहा, ‘‘प्रत्येक नेता को प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र का ज्ञान होना चाहिए. केवल दिल्ली से जाना और पांच सितारा होटलों में रहना और दो-तीन दिन बाद दिल्ली लौटना पैसे की बर्बादी के अलावा और कुछ नहीं है.” पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस की राज्य, जिला और ब्लॉक इकाइयों में सभी पदों के लिए चुनाव कराने की वकालत की. उन्होंने कहा, ‘‘हमें पीसीसी, डीसीसी और बीसीसी को निर्वाचित करना चाहिए, और इस संबंध में पार्टी के लिए एक कार्यक्रम बहुत जरूरी है.”

यह भी पढ़ें-  ‘लेटर बम’ के बाद कांग्रेस में उथल-पुथल, गुलाम नबी आजाद को महासचिव पद से हटाया गया

आजाद ने कहा कि वह कांग्रेस के अन्य नेताओं के साथ पार्टी के हित में इन मुद्दों को उठा रहे है. उन्होंने कहा, ‘‘हम सुधारवादी हैं, विद्रोही नहीं. हम नेतृत्व के खिलाफ नहीं हैं. बल्कि, हम सुधारों का प्रस्ताव देकर नेतृत्व के हाथ मजबूत कर रहे हैं.”

आजाद ने चुनाव में हार के लिए पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को जिम्मेदार नहीं ठहराया बल्कि नेताओं और लोगों के बीच संपर्क नहीं होने की बात कही. उन्होंने बिहार की हार पर विस्तार से कुछ नहीं कहा. आजाद उन 23 नेताओं में शामिल थे, जिन्होंने प्रमुख पदों पर चुनावों और पार्टी में संगठनात्मक बदलाव की मांग को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को अगस्त में पत्र लिखा था.

गुलाम नबी आजाद ने भी कांग्रेस की हार पर चुप्पी तोड़ी

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here