Bandra court ordered registration of FIR on Kangana Ranaut’s charge of spreading communal tension | कंगना रनोट पर बॉलीवुड में हिंदू-मुस्लिम के नाम पर फूट डालने का आरोप, बांद्रा कोर्ट ने एफआईआर के आदेश दिए

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20 मिनट पहले

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रिपोर्ट्स की मानें तो पुख्ता सबूत मिलने की स्थिति में कंगना रनोट को गिरफ्तार भी किया जा सकता है।

  • कंगना के खिलाफ साहिल अशरफ अली सैयद नाम के शख्स ने याचिका लगाई थी
  • एक्ट्रेस के खिलाफ 4 दिन पहले कर्नाटक में भी एक एफआईआर दर्ज हो चुकी है

किसानों के अपमान के बाद कंगना रनोट पर धर्म के नाम पर नफरत फैलाने का आरोप लगा है। मुंबई की बांद्रा कोर्ट ने एक्ट्रेस के खिलाफ सांप्रदायिक नफरत फैलाने की धाराओं के तहत एफआई दर्ज करने का आदेश जारी किया है। कोर्ट ने यह आदेश साहिल अशरफ अली सैयद नाम के शख्स की याचिका पर सुनवाई के बाद दिया।

क्या है याचिकाकर्ता का कंगना पर आरोप

साहिल अशरफ अली सैयद ने अपनी याचिका में लिखा है- कंगना रनोट पिछले कुछ महीनों से लगातार बॉलीवुड को नेपोटिज्म और फेवरेटिज्म का हब बताकर इसका अपमान कर रही हैं। अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर और टीवी इंटरव्यू के जरिए वे हिंदू और मुस्लिम कलाकारों के बीच फूट डाल रही हैं।

उन्होंने बहुत ही आपत्तिजनक ट्वीट किए हैं, जो न केवल धार्मिक भावनाओं को, बल्कि इंडस्ट्री के कई कलीग्स की भावनाओं को भी आहत करते हैं।” साहिल ने कोर्ट के सामने सबूत के तौर पर कंगना के कई ट्वीट रखे।

कंगना रनोट के खिलाफ जारी हुए बांद्रा कोर्ट के आदेश की कॉपी।

कंगना रनोट के खिलाफ जारी हुए बांद्रा कोर्ट के आदेश की कॉपी।

पुख्ता सबूत मिले तो गिरफ्तार हो सकती हैं कंगना

मामले में 12th कोर्ट बांद्रा के मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट जयदेव वाय घुले ने कंगना के खिलाफ सीआरपीसी की धारा 156 (3) के तहत एफआईआर दर्ज करने और उचित कार्रवाई और जांच के आदेश दिए हैं। कंगना से पूछताछ की जा सकती है और अगर उनके खिलाफ पुख्ता सबूत मिलते हैं तो उन्हें गिरफ्तार भी किया जा सकता है।

इससे पहले कर्नाटक में एफआईआर हुई थी

4 दिन पहले किसानों के अपमान मामले में तुमकुर (कर्नाटक) के क्याथासांद्रा थाने में एक्ट्रेस के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है। दरअसल, एडवोकेट एल. रमेश नाइक ने एक्ट्रेस पर कृषि बिल के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों को आतंकवादी कहकर उनका अपमान करने का आरोप लगाया था।

उन्होंने एक्ट्रेस के खिलाफ आईपीसी के सेक्शन 153 A (धर्म, भाषा, नस्ल के आधार पर नफरत फैलाना), 504 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना) ,108 (अपराध को शह देना) के तहत एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग की थी।



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