Bharatiya Janata Party Rajya Sabha MP Subramanian Swamy asked why was glass from which Sushant Singh Rajput drank orange juice on morning of his death not preserved? | सुब्रमण्यम स्वामी ने पूछा- पुलिस ने उस ग्लास को सुरक्षित क्यों नहीं रखा, जिसमें सुशांत ने मौत के दिन जूस पिया था

0
25


  • Hindi News
  • Entertainment
  • Bollywood
  • Bharatiya Janata Party Rajya Sabha MP Subramanian Swamy Asked Why Was Glass From Which Sushant Singh Rajput Drank Orange Juice On Morning Of His Death Not Preserved?

11 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

भाजपा के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने मंगलवार को सुशांत सिंह राजपूत केस पर एक और सवाल उठाया है। स्वामी ने कहा कि मौत के दिन, जिस ग्लास में सुशांत ने संतरे का जूस पिया था, उसे सुरक्षित क्यों नहीं रखा गया। स्वामी ने ट्वीट किया- इसमें कोई आश्चर्य नहीं है कि मुंबई पुलिस ने उस अपार्टमेंट को सील नहीं किया, जिसमें घटना हुई थी। जबकि, अप्राकृतिक मृत्यु में ऐसा करना जरूरी होता है।

फैमिली लॉयर ने भी एम्स की रिपोर्ट सही नहीं मानी

जिस दिन सुशांत सिंह राजपूत की मौत हुई, उस दिन घर में मौजूद स्टाफ ने बताया था कि सुशांत ने ब्रेकफास्ट में नारियल पानी और ऑरेंज जूस लिया था। इसी के बाद बांद्रा स्थित अपार्टमेंट में उनकी बॉडी फंदे से लटकी मिली थी। दरअसल, स्वामी का ट्वीट सुशांत के पिता के वकील विकास सिंह के बयान के बाद आया है। विकास सिंह ने इसी महीने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एम्स की फॉरेंसिक टीम के हेड डॉ. सुधीर गुप्ता के एक बयान का जिक्र करते हुए, सीबीआई से केस गहराई से जांच की मांग की थी।

विकास सिंह ने कहा था कि जब मैंने डॉक्टर गुप्ता को सुशांत की बॉडी की तस्वीरें दिखाई थीं, तो उन्होंने कहा था कि यह 200 फीसदी दम घोंटकर जान लेने का मामला है, ये सुसाइड नहीं है।

एम्स की रिपोर्ट पर विकास सिंह ने उठाए थे सवाल

हालांकि, कुछ दिन बाद मीडिया में एम्स फॉरेंसिक टीम की रिपोर्ट सामने आई थी। इसमें कहा गया था कि ये क्लियर कट सुसाइड का मामला है। रिपोर्ट में हत्या की बात को खारिज कर दिया गया था। विकास सिंह ने इस रिपोर्ट पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि एम्स के डॉक्टर टीवी चैनल्स पर जाकर अपनी राय जाहिर कर रहे हैं, लेकिन रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया गया। उन्होंने यह भी कहा था कि मीडिया में डॉक्टरों के ऐसे बयान मेडिकल काउंसिल की एथिकल गाइडलाइन का उल्लंघन हैं।



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here