Bihar election: Nitish Kumar, Sushil Modi campaigned,attacked Lalu Yadav

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नीतीश कुमार के साथ सुशील मोदी (फाइल फोटो).

पटना:

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने रविवार को संयुक्त चुनाव प्रचार के दौरान अपने विरोधी एवं प्रदेश की मुख्य विपक्षी पार्टी राजद के प्रमुख लालू प्रसाद पर उनकी पार्टी के शासनकाल के दौरान राज्य में अपराध की स्थिति और विकास कार्य नहीं होने को लेकर जोरदार प्रहार किया.

बिहार में राजद और राजग के 15 वर्षों के शासन काल को लेकर तुलनात्मक आंकड़ों को पेश करते हुए दोनों नेताओं ने अगले पांच साल में राज्य में विकास कार्यों को और गति देने के लिए मतदाताओं से एक और मौका दिए जाने की अपील की. राजग के इन दोनों नेताओं ने रविवार को अपने प्रचार अभियान की शुरूआत बक्सर में एक सार्वजनिक सभा से की, जहां भाजपा ने परशुराम चतुर्वेदी को अपना उम्मीदवार बनाया है. 

चतुर्वेदी को कांग्रेस के निवर्तमान विधायक संजय कुमार तिवारी के खिलाफ खड़ा किया गया है. यह वह निर्वाचन क्षेत्र है, जहां से पूर्व पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर पांडेय, जो हाल में वीआरएस लेकर नीतीश की पार्टी जदयू में शामिल हुए थे और उनके यहां से चुनावी मैदान में उतरने की अटकलें लगायी जा रही थीं, लेकिन सीट बंटवारे में यह सीट भाजपा के पास चली गई.

इस सप्ताह की शुरुआत में अलग-अलग चुनावी प्रचार करने के बाद, नीतीश और सुशील रविवार को भाजपा और जदयू के उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार करने रविवार को साथ-साथ बक्सर, डुमरांव, तरारी और जगदीशपुर पहुंचे. बक्सर की रैली में राज्य के पूर्व पुलिस प्रमुख और जदयू नेता गुप्तेश्वर पांडेय मौजूद नहीं थे लेकिन, भाजपा उम्मीदवार परशुराम चतुर्वेदी ने कहा कि उन्हें उनका समर्थन और आशीर्वाद प्राप्त है.

चतुर्वेदी खुद 2003 में बिहार पुलिस में सहायक अवर निरीक्षक के रूप में कार्य कर चुके हैं और समय से पहले सेवानिवृत्ति लेकर राजनीति के मैदान में उतर आए थे. चतुर्वेदी ने पीटीआई-भाषा से कहा, “गुप्तेश्वर पांडेय न केवल पुलिस में मेरे वरिष्ठ रहे हैं, बल्कि एक बड़े भाई भी हैं, जिनके मैं सम्मान से पैर छूता हूं और उनका हमेशा आशीर्वाद रहा है.” 

रैली को संबोधित करते हुए नीतीश और सुशील ने लालू प्रसाद पर प्रहार करते हुए राजद शासनकाल में 1990 से 2005 के दौरान राज्य में व्याप्त हालात को उजागर किया और उसे “जंगल राज” बताया. बक्सर रैली में नीतीश ने कहा, “उस समय कानून व्यवस्था की क्या स्थिति थी. लोग सूर्यास्त के बाद घर से बाहर निकलने से डरते थे. हमने ‘जंगल राज’ को खत्म किया और ‘कानून का राज’ स्थापित किया.”

दोनों ने राजद शासन के दौरान व्याप्त भ्रष्टाचार का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि लालू स्वयं भी भ्रष्टाचार में लिप्त रहे. नीतीश ने कहा, “अपनी सेवा में लगे लोग आज सलाखों के पीछे हैं और बहुत जल्द और भी लोग उनका अनुसरण करते नजर आएंगे.” करोड़ों रुपये के चारा घोटाले के मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद लालू वर्तमान में रांची में सजा काट रहे हैं. नीतीश ने विपक्षी महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव का नाम लिए उन्हें “अनुभवहीन” होने तथा लोकप्रियता हासिल करने के लिए उनके खिलाफ “अनाप-शनाप” (अतार्किक) बयान देने का आरोप लगाया.

सुशील ने तेजस्वी पर प्रहार करते हुए आरोप लगाया, “एक ऐसे व्यक्ति को देखें, जो नौवीं कक्षा में फेल हो गया, जिसका कोई पारिवारिक व्यवसाय नहीं है, वह आज 31 साल की उम्र में 52 संपत्तियों का मालिक है. यहां तक कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जिनका प्रधानमंत्री और गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में लंबा कार्यकाल रहा है, वह भी वित्तीय रूप से तेजस्वी से मुकाबला कहीं नहीं है.” 

सुशील ने बिहार में कोविड-19 महामारी से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए नीतीश की प्रशंसा की और कहा कि महाराष्ट्र में इस बीमारी के कारण 40 हजार से अधिक लोग जान गंवा चुके हैं, जबकि बिहार में राजग सरकार की उचित व्यवस्था के कारण 1000 से कम लोगों की मौत हुई है. नीतीश ने बिहार में अधिक जांच किए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में कोरोना वायरस से संक्रमित हुए लोगों के ठीक होने का प्रतिशत 94 से अधिक है.

नीतीश ने लालू प्रसाद पर प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि राजद शासन काल में अपनी पत्नी (राबडी देवी) को मुख्यमंत्री पद पर आसीन करने के अलावा उन्होंने अपनी पार्टी के शासन के दौरान महिलाओं के उत्थान के लिए कुछ नहीं किया.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)



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