NITI Aayog member Dr. VK Pauls Clarification on Delhis 15000 corona cases report – दिल्ली में रोज 15 हज़ार कोरोना मामले नीति आयोग सदस्‍य वीके पॉल ने बताया, रिपोर्ट में ऐसा क्यों कहा..

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NCDC की रिपोर्ट में दिल्‍ली में कोरोना के मामलों को लेकर अनुमान लगाया गया है (प्रतीकात्‍मक फोटो)

खास बातें

  • कहा, तैयारी के लिहाज से किया था स्थिति का आकलन
  • ताकि बहुत ज्‍यादा मामले बढ़ने पर भी हम तैयार रहें
  • दिल्‍ली में जब केस बढ़ रहे थे, उसके आधार पर था यह अनुमान

नई दिल्ली:

Corona Virus cases In Delhi: ‘दिल्ली में आने वाले समय मे रोज़ाना 15 हज़ार कोरोना मामले सामने आ सकते हैं.’ यह बात नीति आयोग (NITI Aayog) के सदस्य डॉ वीके पॉल (Dr. VK Paul) की अध्यक्षता वाले विशेषज्ञ समूह के दिशानिर्देश पर नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (NCDC) की रिपोर्ट में दिल्ली सरकार को कही गई थी. इस मामले पर मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डॉ. पॉल से पूछा गया तो उन्होंने स्थिति स्पष्ट की. उन्‍होंने बताया कि इतने मामले आएंगे, ऐसी कोई भविष्यवाणी नहीं की गई बल्कि तैयारी के लिए लिहाज से स्थिति का आंकलन किया गया था. डॉ पॉल ने कहा ‘उस रिपोर्ट में हमने यह नहीं कहा कि 15 हज़ार मामले रोज़ाना होंगे और अगर ऐसा कैंपेन (कोरोना के विरुद्ध केंद्र सरकार का जन आंदोलन) चलेगा तो 15 हज़ार मामलों का तो सवाल ही नहीं उठता. उस रिपोर्ट में तैयारी करने की बात की गई है. जब तैयारी की जाती है तो एक परिस्थिति के हिसाब से तैयारी की जाती है कि अगर बहुत ज्यादा मामले बढ़ जाएं तो भी हम तैयार रहें ताकि स्थिति को संभाला जा सके. यह बात उस संदर्भ में कही गई थी. 

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उन्‍होंने कहा कि जब पहली बार मामले बढ़े तो करीब 4000 मामले आए और अभी कुछ हफ्ते पहले तक दिल्ली में मामले बढ़ रहे थे और पहले जितने ही आ रहे थे. उसी को आधार मानते हुए हमने यह तय किया कि अगर अगले 100 दिन के हिसाब से तैयारी करनी है, 2 या 3 महीने की तैयारी करनी है तो इतनी तैयारी दिल्ली में होनी चाहिए कि इसके 3 गुना के लगभग मरीज हम संभाल सकें….अगर हो जाये तो..’.आपको बता दें कि नीति आयोग के सदस्य डॉ वीके पॉल की अध्यक्षता वाले विशेषज्ञ समूह के दिशा-निर्देश पर NCDC ने रिपोर्ट में कहा गया था कि सर्दियों में सांस की समस्या और गंभीर होती है, दिल्ली के बाहर से बड़ी संख्या में मरीज आ सकते हैं. दूर से आने वाले मरीज़ ज़्यादा सीरियस हो सकते हैं इसके साथ ही त्योहार के चलते मामले अचानक बढ़ सकते हैं इसलिए यह सिफारिश की जाती है कि दिल्ली 15 हज़ार पॉजिटिव मामले रोज़ाना के हिसाब से तैयारी करे और मॉडरेट-गंभीर बीमारी के मरीज़ों के अस्पताल में इलाज के लिए 20% यानी 3,000 बेड के हिसाब से व्यवस्था करे’.

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इस रिपोर्ट के बाद यह सवाल उठने लग गए थे कि क्या दिल्ली में कोरोना की तीसरी लहर आ सकती है? साथ ही एक डर जैसा माहौल भी बनने लगा था क्योंकि दिल्ली में अभी तक कोरोना काल के साथ महीने के दौरान एक दिन में अधिकतम 4473 कोरोना मामले ही देखे गए हैं जबकि रिपोर्ट में 15000 के हिसाब से तैयारी करने की बात की गई थी. बहरहाल, नीति आयोग के सदस्य डॉ वीके पॉल ने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस के दौरान इस पर स्थिति स्पष्ट की और इस बात पर भी संतोष जाहिर किया कि दिल्ली में फिलहाल मामले घटते हुए नजर आ रहे हैं.

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